लोकसभा में इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स बिल 2025 पर चर्चा के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने बिल के प्रावधानों पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत में आने के लिए वैध पासपोर्ट, वैध वीजा अनिवार्य होगा।
बिना कागजात के भारत में प्रवेश करने पर कानून सम्मत तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्री ने सख्ती से कहा, जाली दस्तावेजों के लिए कड़ी सजा के प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि वीजा की अवधि खत्म होने पर भी देश में रहने वालों को ट्रैक किया जाएगा।
सरकार के पास दस्तावेजों की जांच का पूरा अधिकार है
शाह ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि जिस तरह के सवाल पूछे गए हैं, उनसे काफी हैरानी होती है। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने भाजपा को वोट दिया। हमने बहुमत की सरकार बनाई है। ऐसे में सरकार के पास विदेशी लोगों की घुसपैठ, भारत आने वाले लोगों के पास वैध कागजात हैं या नहीं, इसकी जांच करने का पूरा अधिकार है।
लोकसभा से विधेयक पारित हुआ
गृह मंत्री अमित शाह के जवाब के बाद गुरुवार शाम करीब 6.20 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विधेयक पारित होने का एलान किया। पहले स्पीकर बिरला ने विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों पर मतदान की औरचारिकताएं पूरी कीं। विपक्षी सांसदों की तरफ से परेश अधिकांश संशोधन खारिज हो गए।
घुसपैठ मामले में पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप
विधेयक पारित होने से पहले लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, इमिग्रेशन कोई आइसोलेटेड मुद्दा नहीं है। देश की सीमा में कौन आता है, कब आता है, कितनी अवधि तक आता है और किस उद्देश्य से आता है, यह जानने का अधिकार देश की सरकार के पास है। ऐसा करना सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। पश्चिम बंगाल में 2026 का विधानसभा चुनाव जीतने का दावा करते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि 450 किलोमीटर की सीमा राज्य सरकार की कृपादृष्टि के कारण अभी तक असुरक्षित है, लेकिन ऐसा लंबे समय तक नहीं चलेगा। शाह ने कहा कि वे खुद 10 बार पत्र भेजकर राज्य सरकार से अपील कर चुके हैं, लेकिन सहयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घुसपैठ करने वाले रोहिंग्या और बांग्लादेशी लोगों के प्रति सहानुभूति रखती है, उन्हें आधार कार्ड दिए जाते हैं। इन कारणों से देश की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं
दुनिया की सबसे सूक्ष्म अल्पसंख्यक आबादी भारत में सुरक्षित
दूसरे देशों से आने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई का जिक्र करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'भारत का शरणार्थियों के प्रति एक समृद्ध और गौरवशाली इतिहास रहा है। पारसी समुदाय हमारे देश में शरण लेने आये और आज वे पूर्णतः सुरक्षित हैं। दुनिया की सबसे सूक्ष्म अल्पसंख्यक आबादी आज भारत में सुरक्षित और सम्मान से जीवन जी रही है।'
क्यों जरूरी है यह विधेयक
गृह मंत्री ने कहा, 'जो लोग व्यापार, शिक्षा और निवेश के लिए भारत आते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन जो हमारी सुरक्षा के लिए खतरा बनेंगे, उन पर कड़ी नजर और सख्त निगरानी होगी। यह विधेयक दोनों उद्देश्यों की पूर्ति करेगा।' उन्होंने कहा, देश की सुरक्षा व अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, मैन्युफैक्चरिंग व व्यापार को बढ़ावा देने, शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाने व हमारे विश्वविद्यालयों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित बनाने के लिए भी आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक (Immigration and Foreigners Bill 2025) बेहद जरूरी है।
ऐसा होने पर भारत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी
इस विधेयक के कानून बनने के बाद भारत में आने वाले लोगों का संपूर्ण, व्यवस्थित, एकीकृत और अप-टू-डेट लेखा-जोखा होगा। इस विधेयक की धारा 3 में प्रवेश निषेध का प्रावधान है। इसके तहत अगर कोई व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा या देश की साख के लिए खतरा पाया जाता है, तो उसे प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
देश की सुरक्षा से समझौता नहीं, सुरक्षा एजेंसियों को भी अहम अधिकार
उन्होंने कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी व्यक्ति किसी भी उद्देश्य से आकर बस जाए। जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा होगा, उसे रोकने का अधिकार संसद के पास है। साथ ही, यह विधेयक सुरक्षा एजेंसियों द्वारा बनाई गयी ब्लैक लिस्ट को भी कानून प्रावधान देगा।
पूरी आप्रवास नीति नए भारत की नई संसद में बनना गौरव की बात
गृह मंत्री ने कहा कि आप्रवास संबंधी पुराने तीनों विधेयक 1920, 1939 और 1946 ब्रिटेन की संसद में बनाए गए थे। आज, हमारी पूरी आप्रवास नीति नए भारत की नई संसद में बनने जा रही है, ये हमारे लिए गौरव की बात है।
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