- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में व्यापारी अपहरण का भंडाफोड़,फिरौती मांगने वाले तीन युवक गिरफ्तार | सच्चाईयाँ न्यूज़

मंगलवार, 25 मार्च 2025

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में व्यापारी अपहरण का भंडाफोड़,फिरौती मांगने वाले तीन युवक गिरफ्तार

 यूपी की राजधानी लखनऊ में सरोजनीनगर पुलिस ने व्यापारी को अगवा कर फिरौती मांगने के आरोपी तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पारा के कुल्हड़ कट्टा निवासी आकाश यादव, डिप्टी खेड़ा निवासी प्रदीप पाल और मोहान रोड निवासी आदर्श दुबे के चंगुल से दो व्यापारियों को सकुशल बरामद किया गया है।

एसीपी कृष्णानगर, विकास कुमार पांडेय के अनुसार, सोमवार को बंगलूरू के निवासी सैयद दानिश ने ईमेल के माध्यम से अपने मित्र मंजूनाथ के अगवा होने की जानकारी दी। जांच करने पर पता चला कि मंजूनाथ 22 मार्च को लखनऊ आए थे और तब से उनकी कोई खबर नहीं थी। मंजूनाथ ने अपनी पत्नी रेखा को वीडियो कॉल कर लखनऊ पहुंचने की सूचना भी दी थी।


22 मार्च की शाम, मंजूनाथ के मित्र लोहित बीजी को अनजान नंबर से एक धमकी भरा फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि मंजूनाथ का अपहरण हुआ है और उनसे एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। यदि फिरौती नहीं दी गई, तो जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर "साई हवाला ट्रेडर्स" के नाम से एक जाली पेज बनाया था। इसी पेज के माध्यम से वे लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें बताते थे कि उनके पास कई ऐसे ग्राहक हैं, जो काला धन सफेद करने के इच्छुक हैं। यदि इस प्रक्रिया में मदद मिलती है, तो उन्हें कुल राशि का 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाएगा। इस झांसे में आकर मंजूनाथ लखनऊ आने के लिए राजी हो गए थे।


रिपोर्ट के मुताबिक,मंजूनाथ 12 मार्च को भी लखनऊ आए थे, लेकिन उस समय उनकी मुलाकात आरोपियों से नहीं हो पाई थी। जब उन्होंने दोबारा यात्रा की, तो उन्होंने अपने दोस्त, सैय्यद इसरार अहमद, को होटल बुलाया। आरोपियों ने दोनों को शकुंतला मिश्र विश्वविद्यालय के गेट नंबर दो पर बुलाया था, जहां उन्हें अगवा कर लिया गया।


मंजूनाथ के ठहरने के स्थान पर गोमतीनगर के एक होटल में उनकी अचानक स्थिति बदल गई। आरोपियों ने मंजूनाथ के फोन से फिरौती की मांग की, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे अक्सर फिरौती मिलने के बाद व्यापारियों को छोड़ देते थे। इस मामले में मुख्य आरोपी विवेक यादव, जो पारा से है, अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।


गिरफ्तार किए गए आरोपी पढ़ाई कर रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी दक्षिणी ने इस सफल ऑपरेशन के लिए गिरफ्तार करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है, जिससे पुलिस की प्रोत्साहना बढ़ेगी और वे आगे भी ऐसे अपराधों को रोकने में जुटे रहेंगे। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संदिग्धों की पहचान पूरी कर ली है।

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