बुधवार, 26 मार्च 2025

सांगाठेड़ा गांव में नेहा की मौत के बाद ग्रामीणों में योगेश के प्रति गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों और परिजनों ने शव यात्रा को गंगोह-नानौता मार्ग पर बीच में रोक दिया। उनकी मांग थी कि आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए।
गंगोह थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया गया।
मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे नेहा रोहिला का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। इससे वहां पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। हर तरफ चीख-पुकार मच गई। कुछ देर तक शव घर में रखने के बाद अंतिम संस्कार के लिए लोग ले जाने लगे। थोड़ी दूर जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव यात्रा को रोक दिया और हत्यारे योगेश रोहिला को फांसी देने की मांग की।
शव यात्रा में शामिल रविंद्र रोहिला, अक्षय रोहिला, हेमंत रोहिला, मास्टर विनोद रोहिला, नवीन राय, जिला पंचायत सदस्य जीशान चौधरी और मांगेराम ने कहा कि आरोपी को वकील उपलब्ध न कराया जाए और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामला चलाकर जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए।
शव यात्रा रुकते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। आक्रोश बढ़ता देख पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। कोतवाली प्रभारी पीयूष दीक्षित ने आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और प्रशासन उसे फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर सख्त से सख्त सजा दिलाने का प्रयास करेगा।
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